Govardhan Leela – श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की सम्पूर्ण कथा

Govardhan Leela – श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की सम्पूर्ण कथा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में गोवर्धन लीला अत्यंत प्रसिद्ध और प्रेरणादायक है। यह कथा केवल एक पर्वत उठाने की घटना नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि जब भक्तों पर संकट आता है, तो भगवान स्वयं उनकी रक्षा के लिए हर सीमा पार कर लेते हैं। ब्रजभूमि में आज भी गोवर्धन पूजा एक महत्वपूर्ण पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह कथा हमें बताती है कि अहंकारी देवताओं के सामने भी सत्य और भक्ति ही सर्वोपरि है। भगवान श्रीकृष्ण ने इस लीला से यह सिखाया कि प्रकृति की पूजा करनी चाहिए, न कि अंधे श्रद्धा में शक्तिशाली देवताओं को खुश करने के लिए गलत कर्म करने चाहिए। आइए जानते हैं कि कैसे बालकृष्ण ने इंद्र देव के घमंड को तोड़ा और गोकुलवासियों को भारी संकट से उबारा। 🔹 कथा का प्रारंभ – इंद्र देव का क्रोध कथा के अनुसार गोकुल में हर वर्ष इंद्र देव को खुश करने के लिए यज्ञ और पूजा की जाती थी। गांव के लोग मानते थे कि वर्षा और अच्छी फसल के लिए इंद्र को प्रसन्न रखना जरूरी है। एक वर्ष, जब श्रीकृष्ण कुछ बड़े हुए, उन्होंने देखा कि सारे गोकुलवासी भारी तैयारी...